जालंधर: स्थानीय बीएसएफ (BSF) हेडक्वार्टर के पास बुधवार रात हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। इस धमाके में एक स्कूटी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शक के आधार पर स्कूटी मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसे अब पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। युवक ने उस खौफनाक रात की जो कहानी बयां की है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। धमाका इतना भीषण था कि जांच में इसके आईईडी (IED) विस्फोट होने की पुष्टि हुई है और अब इस बड़े मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है।
एक फोन कॉल ने बचा ली जान
फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय का काम करने वाले गढ़ा निवासी गुरप्रीत उर्फ कृष ने बताया कि वह मौत के मुंह से बाल-बाल वापस लौटा है। उसने घटना के पलों को याद करते हुए बताया कि उसे एक पार्सल रिसीव करने जाना था। वह रात 8 बजने में 5 मिनट पहले अपनी स्कूटी पर बैठा था और मोबाइल पर मेल चेक कर रहा था। उसी दौरान अचानक उसके घर से पिता का फोन आ गया। पिता से बात करते-करते वह स्कूटी से लगभग 100 मीटर दूर चला गया और उसी पल पीछे एक जोरदार धमाका हो गया। गुरप्रीत का कहना है कि अगर उस वक्त घर से फोन न आता और वह स्कूटी से दूर न जाता, तो शायद आज वह जिंदा न होता।
धमाके का असर: सुन्न हुई टांग, कान से सुनना बंद
धमाके की तीव्रता का अंदाजा गुरप्रीत की वर्तमान हालत से लगाया जा सकता है। खौफजदा युवक का कहना है कि ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी कि उसके एक कान से अभी भी कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है। उसकी एक टांग भी ठीक से काम नहीं कर रही है। धमाके के तुरंत बाद बदहवासी में वह बीएसएफ कैंपस की तरफ भागा। वहां मौजूद बीएसएफ जवानों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) दिया।
NIA के हाथों में मामले की जांच
बीएसएफ और पुलिस ने गुरप्रीत से लंबी पूछताछ की। गुरप्रीत ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने उसके साथ पूछताछ में सहयोग किया और पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद उसे घर जाने दिया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि बुधवार रात 8 बजे डिलीवरी बॉय की स्कूटी के पास हुआ यह धमाका कोई मामूली हादसा नहीं, बल्कि एक खतरनाक आईईडी विस्फोट था। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब एनआईए (NIA) की टीम इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है।

Jalandhar BSF Headquarters Blast: ‘Had Dad Not Called, I Wouldn’t Have Survived








