You are currently viewing चंडीगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़े 5 खूंखार अपराधी, कुख्यात ‘काली शूटर’ का खास गुर्गा भी गिरफ्तार; 4 सेमी-ऑटोमैटिक हथियार बरामद

चंडीगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़े 5 खूंखार अपराधी, कुख्यात ‘काली शूटर’ का खास गुर्गा भी गिरफ्तार; 4 सेमी-ऑटोमैटिक हथियार बरामद

चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े और खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने डीआईजी राजीव रंजन सिंह की निगरानी और इंस्पेक्टर सतविंदर की अगुवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों के पास से 4 सेमी-ऑटोमैटिक हथियार, एक देसी कट्टा, 9 जिंदा कारतूस और एक फोर्ड फिगो कार बरामद की गई है। इस गिरफ्तारी से एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है कि हथियारों के इस मुख्य सप्लायर के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं, वहीं पकड़े गए आरोपियों में कुख्यात अपराधी ‘काली शूटर’ का एक बेहद करीबी साथी भी शामिल है।

पेट्रोलिंग के दौरान धरा गया संजू कांचा

इस पूरे आपराधिक नेटवर्क को भेदने की शुरुआत सेक्टर-38 वेस्ट के जीरी मंडी मोड़ के पास से हुई, जहां पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान संदेह के आधार पर संजू कांचा नामक आरोपी को काबू किया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ करने पर संजू ने खुलासा किया कि वह ट्राईसिटी में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अनस रईन से हथियार खरीदता था। इस इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंबाला जेल में बंद अनस रईन को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह खौफनाक सच सामने आया कि अनस इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के संपर्क में था। अनस, जो पहले भी विस्फोटक और यूएपीए जैसे संगीन मामलों में शामिल रहा है, ट्राईसिटी में बलवंत नाम के गुर्गे को हथियार सप्लाई करता था।

फिल्मी अंदाज में दबोचा गया बलवंत

इस नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी बलवंत को पकड़ने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। गुप्त सूचना के आधार पर जब ऑपरेशन सेल की टीम ने सेक्टर-45 के पास हथियारों से लैस बलवंत को घेरने की कोशिश की, तो उसने पुलिस की गाड़ियों को टक्कर मार दी और अपनी फोर्ड फिगो कार से पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। पुलिस ने भारी घेराबंदी और पीछा करने के बाद आखिरकार उसे सेक्टर-63 के पास धर दबोचा। डकैती और लूट के मामलों में नामजद रहे बलवंत के पास से एक देसी कट्टा और दो कारतूस बरामद हुए। उसने कबूल किया कि वह अनस से हथियार लेकर आगे रंजीत और सुभाष तक पहुंचाता था।

हत्या के प्रयास में भगोड़ा रंजीत और काली शूटर का करीबी सुभाष भी सलाखों के पीछे

बलवंत से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की और बुरैल गांव के रहने वाले रंजीत को गिरफ्तार कर लिया। रंजीत हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से अंडरग्राउंड था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक देसी पिस्टल भी बरामद की है। वहीं, पुलिस टीम ने लगातार इनपुट जुटाकर जीरकपुर से सुभाष को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। जांच में सामने आया है कि सुभाष कुख्यात ‘काली शूटर’ का बेहद करीबी है और ट्राईसिटी के इस आपराधिक नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था। उसके पास से भी एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि हथियारों के इस अंतरराज्यीय और सीमा पार नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।

Chandigarh Police nab 5 dreaded criminals; notorious ‘Kali Shooter’s’ key henchman also arrested