नई दिल्ली: कनाडा की खुफिया एजेंसी ने अपनी एक नई रिपोर्ट में भारत को लेकर फिर से गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) की ‘पब्लिक रिपोर्ट 2025’ ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में भारत को चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान जैसे देशों की कतार में खड़ा करते हुए कनाडाई धरती पर ‘विदेशी दखलंदाजी’ और जासूसी करने का बेबुनियाद आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नई दिल्ली ने अपने रणनीतिक हितों को साधने के लिए कनाडाई राजनेताओं, पत्रकारों और इंडो-कनाडाई समुदाय के लोगों के साथ गुपचुप रिश्ते बनाने की ‘ऐतिहासिक’ कोशिशें की हैं। इसके अलावा भारत पर ‘अंतरराष्ट्रीय दमन’ का भी आरोप मढ़ा गया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार की आलोचना को दबाने के लिए निगरानी और दबाव की रणनीतियों का इस्तेमाल किया गया।
‘बिश्नोई गैंग’ को घोषित किया आतंकी संगठन, एजेंसियों के दावों में विरोधाभास
इस खुफिया रिपोर्ट का एक बेहद चौंकाने वाला पहलू ‘बिश्नोई गैंग’ से जुड़ा है। कनाडा ने अपने क्रिमिनल कोड के तहत साल 2025 में 12 नए अंतरराष्ट्रीय समूहों को ‘आतंकी संस्था’ की सूची में शामिल किया है, जिसमें आपराधिक संगठन ‘बिश्नोई गैंग’ का नाम भी प्रमुखता से जोड़ा गया है। हालांकि, कनाडाई एजेंसियों के बयानों में भारी विरोधाभास भी देखने को मिला है। एक तरफ CSIS भारत पर गंभीर आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ इसी साल मार्च में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक डुहेम ने स्पष्ट किया था कि उन्हें जांच में ऐसा कोई भी सुबूत नहीं मिला है जो भारत सरकार के एजेंटों को कनाडा में किसी हिंसक या खुफिया गतिविधि से जोड़ता हो।
खालिस्तानी चरमपंथियों से कनाडा को खतरा, फिर भी नरम रुख
भारत पर आरोप मढ़ने के साथ ही इस रिपोर्ट में खालिस्तानी चरमपंथियों से कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले खतरे को भी खुले तौर पर स्वीकारा गया है। रिपोर्ट में कनाडा के इतिहास के सबसे घातक आतंकी हमले, एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके की 40वीं बरसी का जिक्र करते हुए माना गया है कि इसके पीछे कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथी ही थे, जिसमें 329 बेगुनाहों की जान गई थी। हालांकि कनाडा अब भी शांतिपूर्ण खालिस्तान की वकालत को एक “वैध राजनीतिक गतिविधि” मानता है, लेकिन खुफिया एजेंसी ने यह भी कबूल किया है कि चरमपंथियों का एक गुट भारत में हिंसा को बढ़ावा देने और फंडिंग जुटाने के लिए आज भी कनाडाई धरती का इस्तेमाल कर रहा है। ये चरमपंथी कनाडाई संस्थानों का फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों से चंदा इकट्ठा करते हैं और उसे हिंसक गतिविधियों में झोंक देते हैं।
नाबालिग युवाओं में तेजी से फैल रहा कट्टरपंथ
कनाडा की इस रिपोर्ट में एक और डराने वाला खुलासा युवाओं में तेजी से फैलते कट्टरपंथ को लेकर किया गया है। CSIS के आंकड़ों के मुताबिक, हर 10 आतंकवाद निरोधी जांचों में से कम से कम एक मामला 18 साल से कम उम्र के नाबालिग से जुड़ा होता है। हाल के वर्षों में 13 साल तक के बच्चे भी आतंकवाद निरोधी जांच के रडार पर आ चुके हैं और साल 2025 में ही अब तक आतंकवाद के मामलों में चार नाबालिगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गौरतलब है कि साल 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। भारत ने कनाडा के आरोपों को हमेशा प्रेरित और सुबूतों के बिना बताकर खारिज किया है, लेकिन इस नई रिपोर्ट ने पटरी पर लौट रहे रिश्तों के बीच फिर से एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

Canada Spews Venom Again: Allegations of Spying on Leaders; Bishnoi Gang Designated as Terrorist Organization








