फाजिल्का: फाजिल्का में बिना छत के कमरों में पढ़ने को मजबूर बच्चों की दयनीय स्थिति की खबर एक निजी अखबार में प्रकाशित होने के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में तुरंत विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्कूल से जुड़े लंबित निर्माण व मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर अगले सप्ताह से ही शुरू करवा दिया जाएगा, ताकि नौनिहालों को अपनी पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जर्जर कमरों के कारण बाहर बैठने की है मजबूरी
फाजिल्का इलाके के इस सरकारी प्राइमरी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव देखने को मिल रहा है। स्कूल के कमरों की हालत इतनी खस्ता और जर्जर हो चुकी है कि कई कमरे अब इस्तेमाल के लायक ही नहीं बचे हैं। किसी अनहोनी के डर से स्कूल प्रबंधन को मजबूरी में बच्चों को बिना छत के खुले आसमान के नीचे बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। वर्तमान में स्कूल के अंदर नियमित शिक्षकों के अलावा दो कच्चे कर्मचारी, दो आंगनबाड़ी वर्कर और तीन मिड-डे मील वर्कर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें भी इन्ही मुश्किल हालातों के बीच अपना काम करना पड़ता है।
1972 में बना था स्कूल, बारिश में भर जाता है पानी
छोटे बच्चों के लिए इस तरह के असुरक्षित और खुले माहौल में लंबे समय तक बैठकर पढ़ाई करना बेहद मुश्किल है, जिसका सीधा असर उनकी सेहत और एकाग्रता दोनों पर पड़ रहा है। बस्ती हजूर सिंह स्थित यह सरकारी प्राइमरी स्कूल साल 1972 में स्थापित किया गया था। पांचवीं कक्षा तक के इस स्कूल में फिलहाल लगभग 120 बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। स्कूल में आज भी चार से पांच ऐसे क्लासरूम हैं जो जमीन के स्तर से काफी नीचे बने हुए हैं। इसका नतीजा यह होता है कि जब भी बारिश होती है, कमरों के बाहर बरामदे में पानी भर जाता है जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है।
ग्रांट का इंतजार खत्म, प्राथमिकता से शुरू होगा काम
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के बारे में विभागीय अधिकारियों को पहले भी सूचित किया है और इमारत की मरम्मत के लिए ग्रांट की मांग भी विभाग को भेजी गई थी, लेकिन अब तक कोई फंड जारी नहीं हुआ था। हालांकि, अब मीडिया में खबर प्रमुखता से उठने और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के सख्त निर्देश के बाद हालात सुधरने की पूरी उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री के आदेश के अनुसार, अब अगले हफ्ते से ही स्कूल के हालात सुधारने का काम शुरू कर दिया जाएगा जिससे बच्चों को एक सुरक्षित माहौल मिल सके।

Children forced to study under the open sky, Education Minister Harjot Bains takes action




