तरनतारन: विदेशों में पंजाबी युवाओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक और दुखद खबर पुर्तगाल से सामने आई है, जहां तरनतारन जिले के गांव थारू के रहने वाले 18 वर्षीय दिलराज सिंह की अचानक मौत हो गई। रोजी-रोटी की तलाश और सुनहरे भविष्य के सपने लेकर सात समंदर पार गए बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
नशे और बेरोजगारी के डर से भेजा था विदेश
मृतक दिलराज के पिता हीरा सिंह, जो स्वयं एक पुलिसकर्मी हैं, ने अपने बेटे को विदेश भेजने के पीछे की मजबूरी बयां की। उन्होंने बताया कि पंजाब में रोजगार की कमी और युवाओं में बढ़ती नशे की लत के डर से वह चिंतित थे। इसी कारण उन्होंने बेटे के बेहतर भविष्य की आस में अपनी पांच किले (एकड़) जमीन 20 लाख रुपये में गिरवी रख दी थी। चार साल पहले, जब दिलराज ने 12वीं की पढ़ाई पूरी की, तो महज 18 साल की उम्र में पिता ने उसे पुर्तगाल भेज दिया था।
वीजा के इंतजार में तंगहाली में काट रहा था दिन
पिता ने बताया कि विदेश में जीवन वैसा नहीं था जैसा सोचा गया था। दिलराज पुर्तगाल में अपने कागजी कार्रवाई पूरी होने और दो साल का वीजा मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। वहां प्रवासी पंजाबी युवाओं को काफी संघर्ष करना पड़ता है और उनका बेटा भी बेहद मुश्किल हालात में एक छोटे से कमरे में दिन गुजार रहा था। बीती रात जब परिवार को बेटे की मौत की सूचना मिली, तो घर में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, बचपन में दिलराज के दिल में छेद था, जिसे भी इस आकस्मिक मौत से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार से शव लाने की अपील
बेटे को खोने के बाद अब परिवार की सिर्फ एक ही इच्छा है कि उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में हो। पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्थानीय विधायक से भावुक अपील की है। पिता हीरा सिंह ने कहा कि किसी भी पिता के लिए अपने बेटे के शव का इंतजार करना दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मुश्किल घड़ी में उनकी मदद की जाए और दिलराज का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द पंजाब वापस लाया जाए।

Tarn Taran youth dies in Portugal: Father says he mortgaged his land for 20 lakh rupees




