लुधियाना: सोशल मीडिया पर इन दिनों तस्वीरों को 1980 के दशक के रेट्रो लुक में बदलने का खुमार छाया हुआ है। बड़े बाल, विंटेज डेनिम और पुराने जमाने के बैकग्राउंड वाली तस्वीरें इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग बिना सोचे-समझे अपनी तस्वीरें AI टूल्स पर अपलोड कर रहे हैं। इस बढ़ते क्रेज के बीच लुधियाना पुलिस ने आम जनता के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। साइबर सेल के प्रमुख इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने साफ किया है कि मनोरंजन के नाम पर शुरू हुआ यह ट्रेंड लोगों को बड़े साइबर अपराध का शिकार बना सकता है।
तस्वीरों का मनमाना इस्तेमाल और फर्जी ऐप्स का जाल
साइबर सेल प्रमुख सतबीर सिंह के अनुसार, इस तरह के कई ऐप्स की टर्म्स और कंडीशंस में साफ लिखा होता है कि वे यूजर की तस्वीरों का इस्तेमाल कहीं भी कर सकते हैं। बाजार में कई अनवेरिफाइड और थर्ड-पार्टी ऐप्स सक्रिय हैं, जो सीधे तौर पर साइबर ठगों के नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सिर्फ विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स का ही रुख करना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं की तस्वीरें किसी भी थर्ड-पार्टी AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने से सख्त परहेज करने की सलाह दी गई है, क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल होने का जोखिम सबसे अधिक रहता है।
फोटो के पीछे छिपा होता है मेटाडेटा का बड़ा खतरा
तस्वीर केवल चेहरे तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसमें कई अहम डिजिटल जानकारियां भी दर्ज होती हैं। इमेज फाइल के मेटाडेटा में फोटो खींचने की तारीख, इस्तेमाल किया गया डिवाइस और सटीक लोकेशन तक छिपी रहती है। इसके अलावा तस्वीर के बैकग्राउंड में दिखने वाला घर का नंबर, सड़क के साइनबोर्ड, गाड़ियों की नंबर प्लेट या ऑफिस का नाम भी अनजाने में सार्वजनिक हो जाता है। कुछ लोग अपने निजी और सरकारी दस्तावेजों को नया या पुराना लुक देने के लिए भी इन टूल्स का सहारा ले रहे हैं, जो सीधे-सीधे वित्तीय और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
डीपफेक और पहचान चोरी से बढ़ रहा फ्रॉड का दायरा
जब किसी व्यक्ति की हाई-क्वालिटी फोटो साइबर अपराधियों के हाथ लग जाती है, तो आधुनिक डीपफेक तकनीक के जरिए उसके फर्जी फोटो और वीडियो तैयार करना बेहद आसान हो जाता है। ठग इन तस्वीरों का इस्तेमाल नकली पहचान पत्र बनाने, परिजनों को ब्लैकमेल करने या उनके नाम पर रिश्तेदारों से पैसे ऐंठने के लिए करते हैं। ChatGPT जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर भी अपलोड की गई सामग्री उनकी डेटा पॉलिसी के तहत प्रोसेस होती है, इसलिए किसी भी ट्रेंड की अंधी दौड़ में शामिल होने से पहले अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करना और गैर-जरूरी बैकग्राउंड या संवेदनशील पहचान को ब्लर करना बेहद अनिवार्य है।


Don’t let the ’80s look’ trend drain your bank account; police issue major alert regarding AI photo trend




