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कनाडा में पढ़ाई के लिए अब चाहिए मोटा बैंक बैलेंस, पंजाब के छात्रों पर पड़ेगा सीधा असर; बदल गए Study Permit के नियम

चंडीगढ़: पंजाब समेत देशभर से कनाडा जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कनाडाई सरकार ने वित्तीय नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नया नोटिफिकेशन जारी कर स्टडी परमिट के लिए अनिवार्य लिविंग एक्सपेंस (रहने-खाने का खर्च) फंड की सीमा बढ़ा दी है। नए नियमों के तहत अब अकेले जाने वाले छात्र को पहले साल के रहने-सहन के खर्च के रूप में बैंक खाते में करीब 17 लाख रुपये (23,448 कनाडाई डॉलर) का बैलेंस दिखाना अनिवार्य होगा।

ट्यूशन फीस और हवाई सफर के अलावा दिखाना होगा फंड
आईआरसीसी द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह 17 लाख रुपये की निर्धारित राशि कॉलेज या यूनिवर्सिटी की पहले साल की ट्यूशन फीस और भारत से कनाडा आने-जाने के हवाई यात्रा खर्च से बिल्कुल अलग है। यानी वीजा आवेदन के वक्त छात्रों को ट्यूशन फीस, ट्रैवल खर्च और 23,448 कैनेडियन डॉलर का लिविंग कॉस्ट फंड—इन तीनों मदों का अलग-अलग पुख्ता वित्तीय प्रमाण देना होगा। पहले यह सीमा लगभग 15 लाख रुपये थी, जिसमें अब करीब 2 लाख रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है।

परिवार साथ ले जाने पर 30 लाख तक दिखाना होगा बैलेंस
यदि कोई छात्र अपने साथ परिवार के सदस्यों को भी कनाडा ले जाना चाहता है, तो फंड की यह सीमा परिजनों की संख्या के हिसाब से काफी बढ़ जाएगी। आधिकारिक डेटा चार्ट के अनुसार, दो सदस्यों के परिवार के लिए 29,185 CAD (लगभग 20.10 लाख रुपये), तीन सदस्यों के लिए 35,880 CAD (लगभग 24.74 लाख रुपये) और चार सदस्यों के परिवार के लिए 43,562 CAD (लगभग 30.04 लाख रुपये) तय किए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के जुड़ने पर करीब 4.35 लाख रुपये का अतिरिक्त फंड दिखाना होगा। हालांकि, क्यूबेक प्रांत अपने नियम अलग तय करता है, इसलिए यह व्यवस्था क्यूबेक को छोड़कर बाकी पूरे कनाडा में लागू होगी।

बढ़ती महंगाई और आवास संकट के चलते लिया गया फैसला
कनाडा सरकार के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों में हाल के वर्षों में मकान किराए, ग्रोसरी और जरूरी चीजों के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। पुराना फंड पैरामीटर मौजूदा महंगाई के हिसाब से कम पड़ रहा था, जिसके चलते विदेशी छात्रों को वहां पहुंचते ही आर्थिक तंगी झेलनी पड़ती थी और वे पूरी तरह पार्ट-टाइम जॉब्स पर निर्भर हो जाते थे। छात्रों को इस संकट से बचाने और उनकी पढ़ाई सुचारू रखने के मकसद से ही यह वित्तीय सीमा बढ़ाई गई है।

1 सितंबर से लागू हुए नियम, पुराने आवेदनों पर असर नहीं
आईआरसीसी ने साफ किया है कि 31 अगस्त तक आवेदन जमा कर चुके छात्रों पर यह नया नियम लागू नहीं होगा और उनके मामलों की समीक्षा पुराने मानकों पर ही होगी। हालांकि, 1 सितंबर 2026 या उसके बाद फाइल लगाने वाले सभी नए आवेदकों को इस बढ़े हुए फंड नियम का पालन करना अनिवार्य होगा। जानकारों का कहना है कि वीजा रिजेक्शन के जोखिम से बचने के लिए छात्रों को आधिकारिक न्यूनतम सीमा से थोड़ा अधिक फंड अपने बैंक खातों में मेंटेन रखना चाहिए ताकि प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।

Studying in Canada now requires a substantial bank balance; Punjab students will be directly affected