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चंडीगढ़ में रील्स देखने से रोका तो घर से भागा 8 साल का बच्चा, ट्रेन से 638 KM दूर ग्वालियर पहुंचा; TTE की मुस्तैदी से मां को मिला बेटा

चंडीगढ़: मोबाइल फोन पर रील्स देखने की लत और परिजनों की डांट से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। चंडीगढ़ में मोबाइल पर रील्स देखने से मना करने पर 8 साल का एक मासूम इस कदर खफा हुआ कि बिना किसी को बताए घर से निकल गया। इसके बाद वह चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस में सवार होकर अकेले ही 638 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंच गया। ट्रेन के स्लीपर कोच में अकेले बैठे बच्चे पर टीटीई (TTE) की नजर पड़ी, जिसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसकी मां से संपर्क कराया गया।

स्लीपर कोच में अकेले देख टीटीई को हुआ शक

यह पूरा वाकया ट्रेन संख्या 19308 चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस का है। सफर के दौरान जब टीटीई स्लीपर कोच में टिकट चेकिंग कर रहे थे, तभी उनकी नजर 8 वर्षीय मासूम पर पड़ी जो सीट पर अकेला बैठा हुआ था। काफी देर तक जब बच्चे के आसपास कोई अभिभावक या परिजन नजर नहीं आया, तो टीटीई को अनहोनी की आशंका हुई। पूछताछ करने पर जब बच्चे ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, तो टीटीई ने तत्परता दिखाते हुए फौरन आरपीएफ कंट्रोल रूम को पूरे मामले की सूचना दी।

प्लेटफॉर्म पर उतारी टीम, बच्चे ने सुनाई नाराजगी की कहानी

सूचना मिलते ही रविवार तड़के करीब 3:05 बजे ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ की टीम तैनात हो गई। ट्रेन के रुकते ही जवानों ने बच्चे को सुरक्षित नीचे उतारा और स्टेशन स्थित आरपीएफ पोस्ट लेकर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों द्वारा प्यार से विश्वास में लेकर पूछताछ करने पर बच्चे ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि घर पर मोबाइल में रील्स देखने को लेकर परिजनों ने उसे डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वह चुपचाप घर से भाग आया और स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में बैठ गया।

11 सितंबर से लापता था मासूम, रोते हुए परिजनों को मिली राहत

आरपीएफ अधिकारियों ने जब घर का संपर्क सूत्र मांगा तो बच्चे ने अपनी मां का मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दिया। जवानों ने तुरंत फोन मिलाकर परिजनों से बातचीत की। फोन पर मां ने रोते हुए बताया कि बच्चा 11 सितंबर की दोपहर से ही अचानक गायब था और वे लोग बदहवास होकर चंडीगढ़ के हर कोने में उसकी तलाश कर रहे थे। इस संबंध में स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। जब अधिकारियों ने बताया कि उनका बेटा ग्वालियर में पूरी तरह सुरक्षित है, तब जाकर परिवार की जान में जान आई।

काउंसलिंग के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द

पहचान की तस्दीक और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आरपीएफ ने बच्चे को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार बच्चे को मानसिक तनाव से उबारने के लिए उसकी काउंसलिंग भी कराई गई है। सूचना मिलते ही परिजन चंडीगढ़ से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। प्रशासनिक और विधिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

An 8-year-old boy ran away from home in Chandigarh after being stopped from watching Reels and traveled 638 km by train to Gwalior