
पटियाला: शहर में रोड रेज का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बार-बार हॉर्न बजाने से गुस्साए एक सिपाही ने दूसरे कार चालक सिपाही पर अपनी AK-47 तान दी। गनीमत रही कि सिपाही ने ट्रिगर तो दबाया लेकिन गोली नहीं चली, जिससे एक बड़ी वारदात होने से टल गई। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई और आरोपी सिपाही ने अपनी कार पीड़ित जवान पर चढ़ा दी, जिससे उसकी टांग टूट गई। पुलिस ने आरोपी सिपाही समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घायल की पहचान गुरदासपुर निवासी प्रिंस कुमार के रूप में हुई है, जो बहादुरगढ़ स्थित दूसरी कमांडो यूनिट में सिपाही के पद पर तैनात है। अस्पताल में भर्ती सिपाही प्रिंस कुमार ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि यह घटना 4 जुलाई की है। वह अपने दोस्त कुलविंदर सिंह के साथ कार में पंजाबी यूनिवर्सिटी के पास से गुजर रहा था। इस दौरान उन्होंने आगे जा रही एक कार को हटाने के लिए हॉर्न बजाया।
प्रिंस के अनुसार, आगे वाली कार में सिपाही जगदीप सिंह अपने साथियों के साथ मौजूद था। उन्होंने कार हटाने के बजाय नीचे उतरकर झगड़ा शुरू कर दिया और फोन करके अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया। आरोप है कि जगदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कार से AK-47 निकाली और प्रिंस पर तान दी। उन्होंने फायर करने की कोशिश भी की, लेकिन राइफल से गोली नहीं चली। प्रिंस ने यह भी आरोप लगाया कि जाते-जाते आरोपियों ने उस पर तलवारों से हमला किया और फिर उस पर कार चढ़ा दी, जिससे उसकी टांग टूट गई।
थाना अर्बन एस्टेट के प्रमुख इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि घायल सिपाही प्रिंस कुमार के बयानों के आधार पर सिपाही जगदीप सिंह, उसके साथी गुरप्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह निवासी गांव करहेड़ी और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्ष समझौते की बात कर रहे थे, जिसके कारण एफआईआर दर्ज होने में देरी हुई। 7 जुलाई को प्रिंस कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
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Sensational case in Punjab








