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पंजाब में घने कोहरे के बीच खुले स्कूल: कड़ाके की ठंड से क्लासरूम रहे खाली, 5 मीटर विजिबिलिटी ने बढ़ाई अभिभावकों की चिंता

चंडीगढ़: पंजाब में लंबे शीतकालीन अवकाश के बाद बुधवार को सरकारी और निजी स्कूलों के ताले तो खुल गए, लेकिन कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने पहले ही दिन बच्चों के कदमों को रोक दिया। पंजाब सरकार द्वारा 24 दिसंबर से घोषित की गई छुट्टियों के बाद आज स्कूल दोबारा शुरू हुए थे। हालांकि, मौसम की मार के चलते स्कूलों में रौनक गायब रही और छात्रों की उपस्थिति बेहद कम दर्ज की गई।

विजिबिलिटी शून्य के करीब, जान जोखिम में डालकर निकले लोग

बुधवार सुबह हालात ऐसे थे कि करीब सात बजे कई इलाकों में विजिबिलिटी मात्र पांच मीटर तक सिमट कर रह गई थी। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण सड़कों पर वाहनों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया था। ऐसे खतरनाक मौसम में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई अभिभावकों ने उन्हें स्कूल न भेजना ही बेहतर समझा। यही कारण रहा कि प्रदेश के कई स्कूलों में आज केवल 30 से 40 प्रतिशत विद्यार्थी ही उपस्थित हुए।

बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर मंडराया संकट

प्रदेश के अधिकतर स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक की शिफ्ट में चल रहे हैं, जबकि कुछ स्कूल दो शिफ्टों में संचालित होते हैं। सुबह के वक्त कोहरा सबसे ज्यादा होने के कारण अभिभावक डरे हुए हैं। उधर, शिक्षकों ने भी पढ़ाई को लेकर चिंता जाहिर की है। शिक्षकों का कहना है कि करीब डेढ़ महीने बाद बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में अगर मौसम की वजह से बच्चे स्कूल नहीं आ पाए, तो उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारियों पर गहरा नकारात्मक असर पड़ सकता है।

छुट्टियां बढ़ाने या परीक्षा टालने की उठी मांग

मौजूदा हालात को देखते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका तर्क है कि जानलेवा ठंड को देखते हुए सरकार को या तो स्कूलों की छुट्टियां और बढ़ा देनी चाहिए या फिर बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों को आगे खिसका देना चाहिए। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। फिलहाल सभी की निगाहें मौसम के रुख और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

Schools reopen in Punjab amidst dense fog: Classrooms remain empty due to biting cold