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पंजाब-हिमाचल को जोड़ने वाले हाईवे पर गिरा पहाड़, जान जोखिम में डाल ठंडी रावी नदी पार कर रहे लोग, वीकेंड पर निकले सैकड़ों टूरिस्ट फंसे

पठानकोट: पंजाब और हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ने वाले अति व्यस्त पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे पर बीती रात एक भयानक लैंडस्लाइड हुआ है। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में बत्ती हटी के पास रात करीब दो बजे अचानक पहाड़ का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर मुख्य सड़क पर आ गिरा। इस भारी-भरकम मलबे के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। हालात यह हैं कि घटना के सात घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सड़क को यातायात के लिए बहाल नहीं किया जा सका है, जिससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं।

जान हथेली पर रख रावी नदी पार कर रहे लोग

हाईवे बंद होने के कारण वहां फंसे लोगों की बेबसी साफ देखी जा सकती है। अपने काम पर जाने वाले लोग और स्कूली बच्चे अपनी जान की परवाह किए बिना इस खतरनाक मलबे के ऊपर से चढ़कर रास्ता पार करने को मजबूर हैं। वहीं, रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर तो तब दिखा जब कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दबाजी में कड़ाके की ठंड के बावजूद उफनती रावी नदी के पानी में उतर गए। लोग अपनी जान को दांव पर लगाकर नदी के रास्ते दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जो किसी भी समय एक बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

वीकेंड मनाने निकले पंजाब के पर्यटकों की बढ़ी मुसीबत

इस भारी लैंडस्लाइड का सबसे ज्यादा असर पंजाब और आसपास के राज्यों से आए पर्यटकों पर पड़ा है। दरअसल, वीकेंड की छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में पंजाब के टूरिस्ट इसी हाईवे का इस्तेमाल करके डलहौजी, खजियार, भरमौर और धर्मशाला जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे थे। अचानक सड़क बंद हो जाने की वजह से अब ये सभी पर्यटक अपने परिवारों के साथ बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। घंटों से अपनी गाड़ियों में बैठे ये टूरिस्ट अब जल्द से जल्द सड़क के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

8:30 बजे तक नहीं पहुंची मशीनरी, प्रशासन पर फूटा गुस्सा

इस प्राकृतिक आपदा के बीच स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) का सुस्त रवैया भी खुलकर सामने आया है। सुबह के 8:30 बजने के बाद भी मलबा हटाने के लिए मौके पर कोई भारी मशीनरी या राहत टीम नहीं पहुंच पाई थी। प्रशासन की इस लेटलतीफी को लेकर वहां फंसे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में गहरा रोष फैल गया है। लोगों का गुस्सा जाहिर करते हुए कहना है कि ऐसी आपातकालीन स्थिति में बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू होना चाहिए था, लेकिन इस देरी ने उनकी मुसीबत को कई गुना बढ़ा दिया है। सभी ने प्रशासन से जल्द से जल्द मलबा हटाकर यातायात बहाल करने की पुरजोर मांग की है ताकि लोग सुरक्षित अपने घरों और गंतव्यों तक पहुंच सकें। 

Mountain Collapses on Highway Connecting Punjab and Himachal; People Risk Their Lives Crossing the Icy Ravi River