
चंडीगढ़: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी लैंड पूलिंग स्कीम के खिलाफ किसानों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। एक तरफ जहां विपक्षी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहे हैं, वहीं अब किसान संगठन भी पूरी तरह से लामबंद हो गए हैं। बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चे (एसकेएम) के बैनर तले हज़ारों किसानों ने पंजाब के कई जिलों में ट्रैक्टर मार्च निकालकर अपना विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को चेतावनी दी।
किसानों का आरोप है कि यह स्कीम किसानों से उनकी ज़मीन छीनकर कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की एक साज़िश है। संयुक्त किसान मोर्चे का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर किसानों को गुमराह कर रही है और यह “ज़मीन हड़पने वाली स्कीम” उन्हें किसी भी कीमत पर मंज़ूर नहीं है। मोर्चे के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इस नीति को वापस नहीं लिया तो वे दिल्ली की तर्ज़ पर एक और बड़ा और लंबा आंदोलन छेड़ने को मजबूर हो जाएँगे।

आज हुए ट्रैक्टर मार्च में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। किसानों का कहना था कि वे अपनी उपजाऊ ज़मीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा, “यह ज़मीन हमारी माँ है और हम इसे किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे।”
फिलहाल, किसान संगठनों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। किसानों के कड़े तेवर और राजनीतिक दलों के बढ़ते दबाव के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।
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Farmers took to the streets








