चंडीगढ़: पंजाब में अपनी मांगों को लेकर किसान आज (5 दिसंबर) एक बार फिर आर-पार के मूड में हैं। किसानों ने राज्य भर में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक ‘रेल रोको’ आंदोलन का ऐलान किया है। इस दौरान जालंधर, लुधियाना और अमृतसर समेत प्रदेश के 19 जिलों में 26 स्थानों पर किसान रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे। हालात को देखते हुए पंजाब पुलिस भी सख्त हो गई है और प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कई किसान नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आंदोलन की धार कुंद करने के लिए पुलिस ने सुबह से ही कई किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (पंजाब) के प्रधान दिलबाग सिंह, जो लुधियाना में इस आंदोलन की अगुवाई करने वाले थे, उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अन्य जिलों में भी स्थानीय नेताओं की गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है।
किसानों के इस 2 घंटे के प्रदर्शन (दोपहर 1 से 3 बजे) का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ेगा। रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जाम के समय ट्रेनों को पिछले स्टेशनों पर रोकने, शॉर्ट-टर्मिनेट करने या रद्द करने की योजना बनाई है। हालांकि, रद्द हुई ट्रेनों की आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है। आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि किसानों ने केवल रेलवे ट्रैक रोकने का फैसला किया है, नेशनल हाईवे या अन्य सड़कें जाम नहीं की जाएंगी।
क्यों हो रहा है यह प्रदर्शन?
किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि यह सांकेतिक प्रदर्शन तीन प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा है। इसका मकसद सरकार को जनता की आवाज सुनने पर मजबूर करना है।
किसानों की 3 प्रमुख मांगें
किसानों के इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र तीन अहम मांगें हैं। सबसे पहले, वे बिजली संशोधन बिल-2025 को पूरी तरह रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, राज्य भर में घरों और ट्यूबवेल्स पर लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का भी कड़ा विरोध किया जा रहा है और इन्हें तत्काल हटाने की बात कही गई है। तीसरी प्रमुख मांग जमीन से जुड़ी है, जिसके तहत किसान संगठनों ने पंजाब सरकार द्वारा सरकारी जमीनों को बेचने के फैसले पर तुरंत रोक लगाने की आवाज उठाई है।

Punjab’s ‘rail roko’ protest today








